रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के विषय में पौराणिक कथा है. कि जब भगवान श्री राम माता सीता को रावण की कैद से छुडाकर अयोध्या जा रहे थे़,.... उस समय उन्होने मार्ग में गन्धमदान पर्वत पर रुक कर विश्राम किया था | विश्राम करने के बाद उन्हें ज्ञात हुआ कि यहां पर ऋषि पुलस्त्य कुल का नाश करने का पाप लगा हुआ है |इस श्राप से बचने के लिए उन्हें इस स्थान पर भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग स्थापित कर पूजन करना चाहिए | यह जानने के बाद भगवान श्रीराम ने हनुमान से अनुरोध किया कि वे कैलाश पर्वत पर जाकर शिवलिंग लेकर आयें | भगवान राम के आदेश पाकर हनुमान कैलाश पर्वत पर गए, परन्तु उन्हें वहां भगवान शिव के दर्शन नहीं हो पाए, इस पर उन्होने भगवान शिव का ध्यानपूर्वक जाप किया| जिसके बाद भगवान शिव ने प्रसन्न होकर उन्हे दर्शन दिए |और हनुमान जी का उद्देश्य पूरा किया| इधर हनुमान जी को तप करने और भगवान शिव को प्रसन्न करने के कारण देरी हो गई, और उधर भगवान राम और देवी सीता शिवलिंग की स्थापना का शुभ मुहूर्त लिए प्रतिक्षा करते रहें. शु...
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