सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

ये व्रत सप्ताह क प्रथम दिन सोमवार को रख जाता है.... लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सोलह सोमवार व्रतकथा

॥ सोलह सोमवार व्रत विधि ॥ व्रत  यह व्रत सप्ताह के प्रथम दिन  सोमवार को रखा जाता है। यह व्रत भगवान शिवजी के लिये रखा जाता है। विधि सोलह सोमवार के दिन भक्तिपूर्वक व्रत करें. अधा सेर गेहूं का आटा के तीन अंगा बनाकर घी, गुड़, दीप, नैवेद्य, पूंगीफ़ल, बेलपत्र, जनेउ का जोड़ा, चंदन, अक्षत, पुष्प, आदि से प्रदोष काल में भगवान शिव का पूजन करें. एक अंगा भगवान शिव को अर्पण करें. दो अंगाओं को प्रसाद स्वरूप बांटें, और स्वयं भी ग्रहण करें. सत्रहवें सोमवार के दिन पाव भर गेहूं के आटे की बाटी बनाकर. घी और गुड़ बनाकर चूरमा बनायें, भोग लगाकर उपस्थित लोगों में प्रसाद बांटें.   ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ ॥ सोलह सोमवार व्रत कथा ॥ || पहला अध्याय|| पृथ्वी पर भ्रमण की इच्छा से भगवान शिव और पार्वतीजी अमरावती नगर में पहुँचे। वन-उपवन और सुंदर भवनों को देखकर भगवान शिव को अमरावती नगर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कुछ दिन उसी नगर में रहने के लिए कहा। पार्वती को भी अमरावती नगर बहुत अच्छा लगा था। उस नगर के राजा ने भगवान शिव का एक विशाल मंदिर बनवा रखा था। शिव और पार्वती उस मंदिर में रहने लगे। एक दिन पार्वत...